सिंधु घाटी सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता : एक समीक्षा
सिंधु सभ्यता , जिसे सिंधु घाटी सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है , भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे पुरानी ज्ञात शहरी संस्कृति है। सभ्यता की परमाणु तिथियां लगभग 2500-1700 ईसा पूर्व प्रतीत होती हैं। सभ्यता की पहचान पहली बार 1921 में पंजाब क्षेत्र के हड़प्पा में और फिर 1922 में सिंध ( सिंध ) क्षेत्र में सिंधु नदी के पास मोहनजोदड़ो ( मोहनजोदड़ो ) में हुई थी। दोनों साइटें वर्तमान पाकिस्तान में क्रमशः पंजाब और सिंध प्रांतों में हैं। मोहनजो - दड़ो के खंडहरों को 1980 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल नामित किया गया था। सभ्यता के विभिन्न स्थलों से मिली कला के रूपों में मूर्तियां , मुहरें , मिट्टी के बर्तन , आभूषण , टेराकोटा के आंकड़े आदि शामिल हैं। उस समय के कलाकारों में निश्चित रूप से बेहतरीन कलात्मकता थी। संवेदनाएं और जीवंत कल्पना। मानव और जानवरों की आकृतियों का उनका चित्रण प्रकृति में अत्यधिक यथार्थवादी था , क्योंकि उनमें शामिल संरचनात्मक विवरण अद्वितीय थे , और ...